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Saturday, May 11, 2024

अधिकार और कर्तव्य

बड़ों का स्नेह और आशीर्वाद हक है हमारा ,
पर फर्ज़ भी कुछ है, हमें ये याद रहना चाहिये।।
उनके अनुभवों से ज्ञान का जो सार हमने पाया,
अपने आप को उस ज्ञान से बेहतर हमने बनाया।।
जिन्होंने हमारे लक्ष्य को पाना हमे सिखलाया,
जब लड़खड़ाये तो संभाला और फिर उत्साह जगाया,
उन्हें भी स्नेह, सम्मान और समय हम दें, हमें ये 
ध्यान रखना चाहिये।।

हमारी खुशी से जो खुश हों और दुख से दुखी,
बिना कहे जो खोजें रास्ता कि हम हो जाये सुखी,
हमारी मुस्कुराहट के लिए जो नींद अपनी त्याग दे,
रहें हम चिंतामुक्त सदा इस बात का जो ख्याल ले,
उन निस्वार्थ माता पिता जनों का 
हमें सम्मान करना चाहिये ।।

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