आओ स्वतंत्रता दिवस मनाएं
आज दिन है आज़ादी का
देश के स्वाभिमान का
बस याद नहीं ये इक दिन की
त्याग की, संघर्षों की
आवाहन है ये नए युग का
नव भारत के नव स्वप्नों का
साकार जिन्हें अब युवा करें
रुढ़ियों से स्वयं को स्वतंत्र करें
भारत का नव भाग्य लिखें
भारत का नाम क्षितिज पर हो
विश्व गुरु का ताज पुनः सिर हो
तो उठो युवा तुम जगो अभी
आजाद स्वयं को करो अभी
हर बेड़ी को अब तोड़ दो
अनेक से अब एक बनो
हर ओर अमन ही अमन रहे
स्वर्णिम भारत ही लक्ष्य रहे