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Sunday, May 19, 2024

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इंसान एक मात्र वैसा जीव है इस पृथ्वी पर जो अपने ज्ञान को औरों के साथ बांटना चाहता है, शौक से या मजबूरी से, प्यार से या डांट कर, जरूरत देख कर या दूरंदेशी से, कारण कोई भी हो पर ज्ञान का साझा होना निश्चित है, पर ऐसा क्यों है? क्या अन्य किसी जीव में बुद्धि नहीं? नहीं ऐसा नहीं है, दिमाग तो भगवान ने सभी को दिया है पर दूसरों को सीखने की क्षमता नहीं, जब अन्य जीवों को कुछ सिखाया जाता है तो वे सीखते हैं और उसे आदत बना लेते हैं, पर मनुष्य जब भी कुछ सीखता है तो सबसे पहले दूसरों को बताता है, कभी स्वयं को और पक्का करने के लिए और कभी दूसरों की नजरों में खुद को श्रेष्ठ साबित करने के लिए, और इसी तरह ज्ञान आगे और आगे फैलता जाता और साथ ही उसमें बदलाव भी होते जाते हैं जो समय के अनुसार आवश्यक भी होता है, अंततः ज्ञान परम सत्य नही होता परंतु सत्य को पाने के लिए ज्ञानी होना आवश्यक है।

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