पति की जान पत्नी में अटकी होती है, पर मां की जान अटकी होती है बच्चे में।।
क्या तुम हमेशा मेरे आस-पास होते हो, एहसास केवल तभी होता है जब कुछ कठिन होता है।।
कोई माने या न माने मैं महसूस करती हूं, हमेशा नहीं पर जब बहुत परेशान होती हूं।।
लेकिन मैंने भी यह ठाना है, कि मेरे बच्चे को कुछ बनाना है।।
तुम्हारे नाम के हर सवाल को मिटाना है, इसके पहले कहीं भी नहीं जाना है।।
तुम पर उठे हर सवाल का जवाब उसे बनाना है, उस पर गर्व हो हमें ऐसा उसे कुछ करके दिखाना है।। भगवान मेरे साथ है, तो चिंता की कोई बात नहीं,
तुम ध्यान रखो मेरा, पर साथ चलने को नहीं कहना।।
मैं डरती हूं कि मुझे कुछ हो ना जाए, अपने बच्चे का भविष्य बनने से पहले ही बिगड़ ना जाए।।
इससे ज्यादा की मेरी कोई चाह नहीं, तुम्हारा एहसास ही काफी है और कोई मांग नहीं।।
मुझे तुम यूं ना डराया करो, मैं अभी तुम्हारे साथ नहीं आ सकती, यह बात खुद को भी समझाया करो।।
भगवान पर मुझको पूरा भरोसा है, तुम भी भरोसा करो, यदि मुक्त हो सकते हो तो मुक्त हो जाओ मेरी चिंता मत करो।।
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